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पानी शॉक अबà¥à¤œà¥‹à¤°à¥à¤µà¤° का काम à¤à¥€ करता है. मनà¥à¤·à¥à¤¯ के शरीर में मौजूद जॉइंटà¥à¤¸ के आलावा दिमाग और सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉड की à¤à¤Ÿà¤•ों से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठबेहद ज़रूरी है. - पानी धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पीना चाहिठजिससे वह शरीर के तापमान के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• ही अनà¥à¤¦à¤° जाà¤. इसलिठगिलास के जरिये होंठलगाकर पानी पीने का तरीका सबसे बेहतर माना जाता है.
शरीर का दो तिहाई हिसà¥à¤¸à¤¾ पानी या तरल पदारà¥à¤¥ का बना होता है. रकà¥à¤¤, जिसे हम मानव शरीर की जीवनरेखा कहते हैं, उसका à¤à¥€ 83% पानी होता है.
पानी हम सà¤à¥€ के जीवन का इतना ज़रूरी शबà¥à¤¦ है कि इसके न होने की कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ करना à¤à¥€ काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल काम नज़र आता है. पृथà¥à¤µà¥€ ने लेकर मानव शरीर का सबसे बड़ा हिसà¥à¤¸à¤¾ पानी ही है. पृथà¥à¤µà¥€ का 71 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ हिसà¥à¤¸à¤¾ पानी से ढका हà¥à¤† है, अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• पृथà¥à¤µà¥€ पर कà¥à¤² 32 करोड़ 60 लाख खरब गैलन पानी है. इंसानी शरीर की बात करें तो à¤à¤• वयसà¥à¤• पà¥à¤°à¥à¤· के शरीर का 65% जबकि महिला के शरीर का 52% हिसà¥à¤¸à¤¾ पानी होता है. वयसà¥à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ के शरीर में हमेशा 35 से 40 लीटर पानी मौजूद रहता है.
- पानी न सिरà¥à¤« मनà¥à¤·à¥à¤¯ की बाहरी सफाई के लिठज़रूरी है बलà¥à¤•ि शरीर के अनà¥à¤¦à¤° की सफाई के लिठà¤à¥€ पानी बेहद आवशà¥à¤¯à¤• है. पूरे शरीर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ पहà¥à¤‚चाने का काम à¤à¥€ पानी ही करता है.
- मनà¥à¤·à¥à¤¯ के शरीर के अधिकतर अंगों में पानी पाया जाता है. बेहद कम लोग जानते होंगे लेकिन ठोस और कड़ी महसूस होने वाली हमारी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ 22% पानी होता है. हमारे दांतों में 10%, सà¥à¤•िन में 20%, दिमाग में 74.5%, मांसपेशियों में 75.6% जबकि खून में 83% पानी होता है.
रिसरà¥à¤š के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤• इंसान बिना à¤à¥‹à¤œà¤¨ के 15 दिन तक à¤à¥€ जीवित रह सकता है लेकिन बिना पानी के 5वें दिन उसकी मौत हो जाà¤à¤—ी.
- पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगने के पीछे का गणित à¤à¥€ यही है कि जैसे ही शरीर में 1% à¤à¥€ पानी की कमी होती है तो आपको पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगने लगती है. जब ये कमी 5% तक पहà¥à¤‚च जाती है तो शरीर की नसें खिंचने लगती है और सà¥à¤Ÿà¥‡à¤®à¤¿à¤¨à¤¾ में कमी महसूस होने लगती है.
- जैसे ही ये कमी 10% पहà¥à¤‚चती है तो इंसान को धà¥à¤‚धला दिखाई देने लगता है और वो बेहोश हो जाता है. शरीर में पानी की कमी 20% हो जाने पर इंसान की मौत à¤à¥€ हो सकती है. वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• पानी बेहद ज़रूरी है इसलिठही शरीर में समय-समय पर पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगने का ये मैकेनिजà¥à¤® विकसित हà¥à¤† है.
हमारे शरीर का दो तिहाई हिसà¥à¤¸à¤¾ पानी या तरल पदारà¥à¤¥ का बना होता है. रकà¥à¤¤, जिसे हम मानव शरीर की जीवनरेखा कहते हैं, उसका à¤à¥€ 83% पानी होता है. रकà¥à¤¤ शरीर के हर अंग तक विटामिन, मिनरलà¥à¤¸, अनà¥à¤¯ जरूरी पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ जैसे हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨, ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ आदि को पहà¥à¤‚चाने का काम करता है.
- पेशाब à¤à¥€ हमारे शरीर का à¤à¤• अहम तरल पदारà¥à¤¥ है, जो शरीर से टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤• (हानिकारक) पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बाहर निकालने का काम करता है. अगर हमारे शरीर में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ कम है, तो शरीर में बनने वाले विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ बाहर नहीं जाà¤à¤‚गे और इस से कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे तà¥à¤µà¤šà¤¾ का सूखापन, कबà¥à¤œ, सिरदरà¥à¤¦ आदि हो सकती हैं. इससे किडनी से जà¥à¥œà¥€ कई बीमारियां à¤à¥€ होती हैं.
- पानी में ही इलैकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸, सोडियम या पोटैशियम जैसे मिनरल होते हैं और डीहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से बचने के लिठइन का शरीर में संतà¥à¤²à¤¨ बनाठरखना बेहद जरूरी है. ये मिनरल शरीर में कई कामों के लिठअहम होते हैं. जैसे रकà¥à¤¤ का पीà¤à¤š सà¥à¤¤à¤° बनाठरखना, नसों का काम और दिमाग और शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों के बीच संतà¥à¤²à¤¨ बनाठरखना. आमतौर पर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसीना निकलने से शरीर में इलैकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ के सà¥à¤¤à¤° में गिरावट आती है, जिस की वजह से थकावट, चकà¥à¤•र आना आदि समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं.
हमारे शरीर के बेहद नाजà¥à¤• हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ जैसे आंख, पाचनतंतà¥à¤°, मà¥à¤‚ह आदि को à¤à¥€ खूब सारे पानी की जरूरत होती है. पानी की कमी से सब से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ असर हमारे पाचनतंतà¥à¤° पर पड़ता है. खाना पचाने के लिठमà¥à¤‚ह में बनने वाली लार बेहद जरूरी होती है, इसके बिना चबाने और à¤à¥‹à¤œà¤¨ को अंदर तक ले जाने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल होती है, जिस से अपच की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है. हमारी आंखों को à¤à¥€ पानी की जरूरत होती है ताकि जमा गंदगी को साफ किया जा सके.
- शरीर की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाठरखने के लिठहमें विटामिन डी और कैलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤® के साथ- साथ पानी की à¤à¥€ बहà¥à¤¤ जरूरत होती है. शरीर के सà¤à¥€ जॉइंटà¥à¤¸ में नरमी बनाठरखने के लिठपानी की जरूरत होती है. कम पानी की वजह से उमà¥à¤° बà¥à¤¨à¥‡ पर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे आरà¥à¤¥à¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ या गठिया सामने आती हैं. जाती हैं.
पानी हमारे शरीर में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तौर पर तापमान को सामानà¥à¤¯ बनाठरखने का काम करता है. à¤à¤• सामानà¥à¤¯ शरीर का तापमान 35 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ या 98.6 डिगà¥à¤°à¥€ फारेनहाइट होता है. इसलिठजब हम धूप में गरम तापमान में जाते हैं तो हमारे शरीर से बहà¥à¤¤ पसीना निकलता है, जिस से शरीर का तापमान कम हो जाता है.
पानी धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पीना चाहिठजिससे वह शरीर के तापमान के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• ही अनà¥à¤¦à¤° जाà¤. इसलिठगिलास के जरिये होंठलगाकर पानी पीने का तरीका सबसे बेहतर माना जाता है. ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग गरà¥à¤¦à¤¨ उठाकर ऊपर से पानी पीते हैं जो सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठहानिकारक माना जाता है. à¤à¤¸à¥‡ पानी पीने से फ़ूड पाइप में हवा की जगह बनती है जिससे पाचन से जà¥à¥œà¥€ बीमारियां होती हैं. गलत तरीके से पानी पीने से à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€, खटà¥à¤Ÿà¥€ डकार, जोड़ों में दरà¥à¤¦, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ जैसी परेशानियां à¤à¥€ होती हैं. कà¥à¤› लोग दो-तीन घंटे तक पानी नहीं पीते और फिर à¤à¤• साथ बहà¥à¤¤ सारा पानी पीते हैं. ये à¤à¥€ हेलà¥à¤¥ के लिठकाफी खतरनाक हो सकता है, इसका किडनी और दिल पर होता है. पानी हर à¤à¤• घंटे से à¤à¤•-à¤à¤• गिलास करके पीना चाहिà¤.
- जब à¤à¥€ पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगे तब पानी ज़रूर पीना चाहिà¤. खाना खाने से आधा घंटे पहले और खाना खाने के à¤à¤• घंटे बाद ही पानी पीना चाहिà¤. खाना खाने से तà¥à¤°à¤‚त पहले पानी पीने से पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ कमजोर होती है. खाना खाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद पानी पीने से शरीर फूलता है, मोटापा चà¥à¤¤à¤¾ है और कबà¥à¤œ की शिकायत हो जाती है. अगर हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, लू लग जाà¤, बà¥à¤–ार, कबà¥à¤œ, पेट में जलन, पेशाब में जलन या यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ जैसी दिकà¥à¤•तों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पीना चाहिà¤.
- गरà¥à¤® चाय या कॉफी आदि के तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ बाद पानी नहीं पीना चाहिà¤. खीरा, खरबूजा या ककड़ी खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिà¤. धूप में काफी वक़à¥à¤¤ बिताने के बाद या सेकà¥à¤¸ करने के बाद à¤à¥€ अचानक पानी नहीं पीना चाहिà¤.
दिन में औसतन 8 गिलास पानी पीना चाहिठहालांकि पानी की यह मातà¥à¤°à¤¾ कई बातों पर निरà¥à¤à¤° करती है, जैसे कि लिंग, उमà¥à¤°, शारीरिक गतिविधियों का सà¥à¤¤à¤° और पारà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£. चिकितà¥à¤¸à¤¾ विशेषजà¥à¤ž बताते हैं कि जिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की दोनों किडनी ठीक काम कर रही हों, उसे दिन में अपने शरीर के वजन के अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤• किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® पर 300 मिलीलीटर पानी पीना चाहिà¤.
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